न्यू 2018 मारुति सुज़ुकी स्विफ्ट और हाइयंड ग्रांड ई10 कंपॅरटिव रिव्यू

मारुति की गाड़ियाँ कार खरीदने वाले सिर आँखो पे रखते हैं. ना केवल वो किफायती होती हैं बल्कि उन्मैन फीचर्स भी काफ़ी होती हैं. कुछ सालों से ह्युंडई भी इसी फ़ॉर्मूला का इस्तेमाल कर रही हैं. हाइयंड की ग्रांड ई१० जो पिछले वर्ष फॉसर्लिफ्ट की गयी थी, अब भारत की टॉप ५ बेस्ट सेल्लिंग कार्स क लिस्ट मैं हैं. अब उससे चुनौती देने आ रही हैं मारुति की नई स्विफ्ट. हमने इश्स वीडियो द्वारा इन्न दोनो की तुलना की हैं.

लुक्स


दोनो ही गाड़ियाँ दिखने मैं काफ़ी यंग लगती हैं. मगर ग्रांड ई१० मारुति स्विफ्ट की तुलना मैं काफ़ी पुरानी लगती हैं. . ह्युंडई ने पिछले साल ही एक फेस्लिफ्ट दी थी. दोनो क ग्रिल काफ़ी चौड़े हैं लेकिन मारुति की डिज़ाइन थोड़ी और प्रभावशाली हैं. मारुति स्विफ्ट २०१८ एक फ्रेश दिसायन  लगती हैं. जहानपर ह्युंदाई  हॅलोजन लॅम्प्स  इस्तेमाल करती रही हैं, वही मारुति एल्लीद प्रोजेक्टर्स देती हैं अपने नये स्विफ्ट मैं. फॉग लाइट्स भी दे रही हैं. . . . . . . . . . दिए हुए हैं. इससे ड्राइवर साइड डोर और डिकी दोनो ही केवल एक बटन से खोले जा सकते हैं.


ह्युंडई ने अपने कारोमैन डाइमंड-कट आलाय्स देना शुरू किया था और अब मारुति भी उनका साथ देने लगी हैं. नयी मारुति स्विफ्ट और ह्युंडई ग्रांड ई10 माइ डाइमंड कट आलाय्स उपलब्ध हैं टॉप-एंड मॉडेल्स पार. जहाँ ह्युंडई अब भी 14-इंच की वील्स ऑफर करती हैं वही मारुति 15-इंच. बॉडी-कलर्ड बमपर्स दोनो ही मॉडेल्स पार स्टॅंडर्ड हैं लेकिन बॉडी कलर्ड मिरर्स हाइयंड केवल मॅग्ना ट्रिम से देती हैं और मारुति व ट्रिम से.

इसस्मैन कोई शक़ नई हैं की ह्युंडई की ग्रांड ई10 अब भी बाड़िया दिखती हैं लेकिन स्विफ्ट इश्स सेगमेंट मैं एक नयापन लाती हैं.

Interior


टेक्निकली, हाइयंड की गाड़ियों का इंटीरियर काफ़ी आक्ची क्वालिटी का होता हैं. यह चाहे आप एओन लीजिए या फिर सांता फे. ह्युंडई ग्रांड ई10 की इंटीरियर भी कुछ ऐसी ही हैं. ह्युंडई ने अपोलस्टरी ग्रे और बेज कलर्स की लगवाई हैं ग्रांड ई10 मैं. इससे कॅबिन मैं एक हवादार वातावरण महसूस होता हैं. हालाकी इन्स्ट्रुमेंट क्लस्टर और बाकी लेयौट पुरानी गाड़ी से मेल खाती हैं, यह अब भी काफ़ी लॉजिकल और नीट्ली इंटेग्रेटेड हैं. कॅबिन मैं नयी एलिमेंट एक 7-इंच टचस्क्रीन म्यूज़िक सिस्टम हैं जिससे आप अपना स्मर्टफ़ोने कनेक्ट कर सकते हो. Mइर्रोर्ळिन्क, आंड्राय्ड ऑटो और आपल CअरPलय ऑफर की गयी हैं. मगर ह्युंडई अब भी इसस्मैन एक नॅविगेशन अप नई देता. यह टचस्क्रिन काफ़ी रेस्पॉन्सिव हैं और इससे जान पहचान करना ब आसान हैं. ह्युंडई फीचर्स की टॉर पार आपको एक चिल्ड ग्लवबॉक्स, दे-नाइट इनसाइड मिरर, पवर फोल्डिंग और अड्जस्टबल साइड मिरर्स, पुश बटन स्टार्ट और रियर एसी वेंट्स देती हैं.




नयी मारुति स्विफ्ट की कॅबिन अब भी फुल ब्लॅक अपोलस्टरी मैं अवेलबल हैं. कंपनी अपने कार को एक स्पोर्टी लुक देना चाहती थी इसलिए इस्स कलर का कॅबिन. गाड़ी की कॅबिन डज़ीरे से मेल खाती हैं लेकिन कुछ चेंजस भी हैं जैसे की स्टियरिंग वील जिसपे अब निचले हिस्से पे लकड़ी का इस्तेमाल नही किया गया हैं, अलग रूप के एसी वेंट्स और अन्या कही. फीचर्स लिस्ट मैं आपको बटन स्टार्ट, क्लाइमेट कंट्रोल, पवर फोल्डिंग और अड्जस्टबल मिरर्स, ऑटोमॅटिक हेडलाइट्स दिए हुए हैं. अगर आप दोनो गाड़ियों की तुलना करेंगे तो यह पाएँगे की स्विफ्ट मैं ग्रांड ई10 जितनी जगह हैं. बूट स्पेस स्विफ्ट का केवल कुछ लीटर्स से बड़ा हैं.

ग्रांड ई10 की कॅबिन एक सहर्षता प्रस्तुत करती हैं वही स्विफ्ट की कॅबिन स्पोर्टी लगती हैं.


Safety

मारुति की निंदा की जाती थी की वो अपनी चोटती गाड़ियों मैं सेफ्टी फीचर्स या तो नई देते या फिर केवल टॉप एंड मॉडेल्स पर. नये स्विफ्ट के आगमन से यह बदलनेवाला हैं. नयी स्विफ्ट मैं एबेस और दो एरबॅग्स स्टॅंडर्ड हैं. यही नई, नयी स्विफ्ट इंडियन क्रॅश टेस्ट सेफ्टी रिक्वाइर्मेंट्स की टेस्ट भी पार कर चुकी हैं.


नयी ह्युंडई ग्रांड ई10 मैं आपको ड्राइवर एरबॅग स्टॅंडर्ड ऑफर किया जाता हैं. हालाकी मॅग्ना ट्रिम से पॅसेंजर एरबॅग ऑफर किया जा रहा हैं, एबेस केवल टॉप-एंड अस्ता पे ही दिया जेया रहा हैं. यह एक बड़ी कमी हैं हाइयंड की और से. और यह जाहिर सी बात हैं की जल्द ही ह्युंडई यह सेफ्टी फीचर्स अपने गाड़ियों मैं स्टॅंडर्ड ऑफर करे.

सेफ्टी के मामले मैं नयी स्विफ्ट ग्रांड ई10 से इस्स सेगमेंट मैं आगे हैं


Engine and transmission

दोनो स्विफ्ट और ग्रांड ई10 पेट्रोल आएवं डीसल एंजिन्स मैं उपलब्ध हैं. जहाँ मारुति स्विफ्ट मैं अपनी टेस्टेड 1.2-लीटर 84प्स एंजिन और 75प्स 1.3-लीटर डीसल एंजिन देती हैं, वही ह्युंडई 85प्स पेट्रोल 1.2-लीटर और 75प्स 1.2-लीटर डीसल एंजिन का इस्तेमाल करती हैं. ह्युंडई की पेट्रोल एंजिन 19कम्पल और डीसल 24कम्पल का आवरेज देती हैं. नयी स्विफ्ट आपको माइलेज के मामले मैं पेट्रोल मैं 22कम्पल और डीसल मैं 28कम्पल का वादा करती हैं. मारुति स्विफ्ट को अब 5-स्पीड मनुअल क साथ ऑटोमॅटिक ट्रॅन्समिशन मैं भी ऑफर करती हैं. यह 5-स्पीड अंत केवल व और ज़् ट्रिमस मैं उपलब्ध हैं.  ह्युंडई ग्रांड ई10 मैं 5-स्पीड ट्रॅन्समिशन स्टॅंडर्ड देती हैं पार अपने पेट्रोल एंजिन क साथ 4-स्पीड ऑटोमॅटिक का ऑप्षन ब देती हैं.


स्विफ्ट अपने कही एंजिन और ट्रॅन्समिशन ऑप्षन्स से ग्राहक का मॅन जीत लीती हैं. पार ह्युंडई की नयी 1.2-लीटर डीसल भी अपने रेफाइन्मेंट से लुभाती हैं. अगर आपको डीसल ऑटोमॅटिक हॅचबॅक चाहिए तो इस्स प्राइस ब्रॅकेट मैं केवल मारुति ही ऑफर करती हैं.

Ride and handling


ग्रांड ई10 अपने पहले अवतार मैं गड्ढो पर बैठ जाती थी. लेकिन अब ह्युंडई ने सस्पेन्षन मैं रिविषन्स किए हैं. इससे राइड क्वालिटी काफ़ी हड्द तक अcचि हुई हैं. अब भी ग्रांड ई10 का स्टियरिंग काफ़ी हल्का हैं और अगर कंपनी उससे थोड़ी और वज़नदार बनाती हाइ स्पीड्स पे तो मज़्ज़ा आता. इसके मुक़ाबले मैं स्विफ्ट अब थोड़ी सॉफ्ट कर डी गयी हैं. इससे राइड क्वालिटी अcचि हुई हैं. हॅंड्लिंग अब भी एक गो-कर्ट की फील देती हैं लेकिन स्टियरिंग मैं बिल्कुल जान नई हैं.





रेफाइन्मेंट मैं मामले मैं ह्युंडई की डीसल एंजिन स्विफ्ट क एंजिन से काफ़ी ज़्यादा आगे हैं. दूस्सरी तरह ह्युंडई की पेट्रोल की रेफाइन्मेंट स्विफ्ट पेट्रोल क सामने कम हैं.

Nikaal

हालाँकि दोनो की गाडियो का सर्विस बॅकप काफ़ी अcच हैं, मारुति फिर भी आगे हैं इस्स मामले मैं. मारुति की 2,000 से ज़्यादा सर्विस सेंटर्स हैं ऑल ओवर इंडिया. वैसे दोनो कार्स की सर्विस कॉस्ट की तुलना की जाए तो पैड सर्विस मैं आपको लगभग रुपीज़ 5,000-7,000 क बीच खर्चा आएगा.



हमारी तुलना की अनुसार स्विफ्ट का नयापन और एंजिन-ट्रॅन्समिशन की विभिन्नता को देख इससे विन्नर करार दिया जाता हैं. अगर आप यह भी देख ले की स्विफ्ट इश्स कॉंपिटेशन मैं सेफ्टी फीचर्स स्टॅंडर्ड दे रही हैं तो इश्स डील को और भी मीठा बना देता हैं.



ह्युंडई ग्रांड ई10 की प्राइसस शुरू होती हैं रुपीज़ 4.59 लाख - रुपीज़ 7.46 लाख, एक्स-मुंबई. मारुति ने अपनी नयी स्विफ्ट की प्राइस काफ़ी महेंगी रखी हुई. नयी मारुति स्वविफ़्ट की कीमत रुपीज़ 4.99 लाख से र्स 8.48 लाख एक्स-देल्ही हैं.